राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। यह योजना राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है। सरकार का उद्देश्य है कि बेटियों के विवाह में आने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जाए और हर परिवार अपनी बेटी का विवाह सम्मानपूर्वक कर सके।
किन परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग, बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को दिया जाता है। इसके अलावा आस्था कार्ड धारक, आर्थिक रूप से कमजोर विधवा महिलाएं, विशेष योग्यजन और पालनहार योजना से जुड़ी बालिकाएं भी इस योजना के दायरे में आती हैं। हाल के अपडेट के अनुसार महिला खिलाड़ियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे इसका दायरा और व्यापक हो गया है।
पात्रता शर्तें क्या हैं, जानें जरूरी नियम
इस योजना का लाभ केवल राजस्थान के मूल निवासियों को ही दिया जाता है और इसके लिए कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष होना अनिवार्य है। योजना के तहत एक परिवार को अधिकतम दो बेटियों के विवाह तक ही सहायता दी जाती है। विधवा महिलाओं के लिए विशेष शर्तें तय की गई हैं, जिनमें पुनर्विवाह न होना, सीमित आय और परिवार में कमाने वाले सदस्य की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है।
योजना के तहत कितनी मिलती है आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार आर्थिक सहायता निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के बीपीएल परिवारों को विवाह पर 31,000 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं अन्य पात्र श्रेणियों जैसे अंत्योदय, आस्था कार्डधारी और विधवा परिवारों को 21,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। इसके साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दसवीं पास कन्या को अतिरिक्त राशि और स्नातक पास होने पर और अधिक प्रोत्साहन दिया जाता है।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में आवेदन करने के लिए कई आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत होती है, जिनमें जनाधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और आय प्रमाण पत्र प्रमुख हैं। इसके अलावा विवाह से जुड़े प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज भी जरूरी होते हैं। सभी दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए स्वघोषणा पत्र भी जमा करना होता है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह आसान और पारदर्शी
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे आम लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। आवेदक अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर या स्वयं एसएसओ आईडी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद योजना का चयन करना होता है, फिर व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी भरकर दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं और अंत में आवेदन सबमिट किया जाता है।
आवेदन की स्थिति भी घर बैठे कर सकते हैं चेक
आवेदन करने के बाद उसकी स्थिति भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आसानी से चेक की जा सकती है। यदि आवेदन में किसी प्रकार की आपत्ति आती है तो उसकी जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध होती है, जिससे समय रहते सुधार किया जा सकता है। यह सुविधा पूरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाती है।
